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सीएए के विरोध में हैरान करने वाली बात Delhi danga, NRC, CAA, Modi sarkar




मुझे क्या हर सच्चे भारतीय को आज बहुत कष्ट होता होगा कि जिस देश भारत को तरक्की कि दिशा में लाने के लिये हर समुदाय के सोये हुए आदमी के अन्दर नयी उर्जा का संचार करने वाले लगनशील यशस्वी नेता जिन्होने प्रधानमंत्री बनने के बाद हर दिन सिर्फ 24 घण्टे में सिर्फ 5 घण्टे ही आराम फिर सिर्फ काम जमीन से लेकर आसमान तक और समूचे विश्व में अपनी लोकप्रियता,उदारशीलता कि दम पर व सबको मित्र बनाकर  साथ लेकर चलने वाले नेता के बारे में कुछ आराजक तत्वो वामपंथियों द्वारा भला-बुरा सुनने में आता होगा तो बहुत कष्ट होता होगा। मैं मानता हूॅ सरकारे हमेशा सही नही होती। 
संसद में नागरिकता संशोधन कानून यानी सीएए पारित होने के बाद उसके अंध विरोध कि चिगारी ने जो हिंसक रूप धारण किया उसके चलते देश कि राजधानी में 40 से अधिक HINDU ,MUSLIM INDIANS लोगो कि जान चली गयी अरबों रूपये कि संम्पत्ति स्वाहा हो गयी। 

सीएए के विरोध में हैरान करने वाली बात यह है कि विरोधी सीएए में किसी आपत्तिजनक प्रावधान को इंगित न कर कानून वापस लेने कि जिद पर अडे हुए हैं। इस कानून के साथ एनआरसी के स्वकल्पित भय को जोडकर उन्होने हिसा का बहाना बनाया। इस स्थिति को बनाने में कई पत्रकारों,नेताओ,बुद्वजीवियों एवं कलाकारों ने नकारात्मक ही नही बल्कि घातक भूमिका निभाई विरोध कि अगुवाई कर रहे स्वर सीएए के किसी प्रावधान पर बात न कर केवल भारतीय नेतृत्व के प्रति भावनायें भडका रहे हैं।

उदाहरण- पत्रकार सबा नकबी ने विरोधियों से अदालतों के सहारे न रहकर सडको पर उतरने का आवाहन किया वही एमआइएम नेता वारिस पठान ने 15 करोड मुसलमान होने के बावजूद सौ करोड पर भारी पडने कि धमकी दी। छात्र नेता शर्जील इमाम असम को भारत से अलग करने कि बात कर रहा था तब कवि हुसैन हैदरी सीएए को राज्य प्रायोजित आतंकवाद बता रहे थे। राजनीति दलों ने भी आग में घी डालने का काम किया। खुद सोनिया गांधी ने अस्तित्व का हवाला देकर वर्ग विशेष को घरो से निकलने कि आवाज दी और अकबरूददीन ओवैसी ने भारत को अपने मतावलवियों कि पैतृक जागीर बताया विपक्ष और वामपंथियों बुद्वजीवियों द्वारा समर्थित जहरीले विरोध का आलम रह था कि लोग गलत नारे 
लगाने लगे।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दौरे पर भडकाई गयी हिंसा इस बात का सबूत है कि विद्रोह कि चिर परिचित प्रोपेगेंडा शैली में भारत को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर एक संर्घष क्षेत्र के रूप में प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया। 

वास्तव में वह नक्सली विचारधारा जो पिछले पांच दशकों से भारत में व्यापक जन विद्रोह खडा करने का प्रयास कर रही है और जिस पर सीएए के विरोध को हवा देने के आरोप लगते हैं। भारतीय जनतंत्र को धोखा बताती रही है। नक्सलवाद के शीर्ष विचारक चारू मजूमदार का कहना था कि कृान्तिकारियों को ऐसा सजग नेतृत्व देना होगा जो नौकरशाहों पुलिस कर्मियों और सैन्य अधिकारियों पर बार कर सके। हमारी लडाई थानों और इमारतों से नही बल्कि पुलिसकर्मियों और अधिकारियों से है।

दिल्ली में पुलिसकर्मियों और अधिकारियों पर लगातार हुए हमलों में इस नक्सली विचार कि स्पष्ट झलक मिलती है। सीएए विरोध में अन्य स्थानों पर हुयी हिंसा कि ही भांति दिल्ली दंगों में भी पुलिस और सुरक्षावलों को विशेष रूप से निशाना बनाया गया। इन हमलों में एक पुलिसकर्मी और गुप्तचरकर्मी कि मौत हो गयी और एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को गंभीर चोटे आयी। एक अन्य स्थान पर अर्धसैनिक बलों के उपर तेजाब फेका गया पुलिस और सुरक्षा बलों को निशाना बनना क्षणिक भावावेश न होकर एक सोची समझी रणनीति का ही हिस्सा था। मोदी सरकार अभी तक यह भी नही समझ पाई है कि जिस सरकार ने दशको शासन किया हो और देश हित में कोई भी कानून बनाने में बोलने  में सिर्फ अपना फायदा देखती रही हो आपस में लडवाती रही हो जिसकी पार्टी कि नीव ही यही हो फिर मोदी सरकार द्वारा देश हित में लिये गये फैसले देश में शान्ति सबका साथ,सबका विकास ,सबका विश्वास,कैसे बर्दाश्त कर सकती है।

Do I have a lot of pain in every true Indian today that a passionate politician who brings new energy to the sleeping man of every community to bring India in the direction of progress, who after becoming the Prime Minister has only 24 hours every day In just 5 hours of rest, then only work from the ground to the sky and all over the world on the strength of its popularity, liberality and making everyone friends together If the leader will be about makes some Arajk recoil by elements Left would suffer greatly. I agree that governments are not always right.


After the passage of the Citizenship Amendment Act, ie the CAA, in Parliament, the violent protests that Chigari took as a result of it led to the loss of property worth billions of rupees in the capital of the country. AND 30 HINDU, 10 MUSLIM INDIANS PEOPLE DEATH


What is shocking in opposition to the CAA is that the opponents are adamant on withdrawing the law by not pointing to any objectionable provision in the CAA. By adding NRC's supposed fear with this law, they made an excuse for it. Many journalists, leaders, intellectuals and artists played not only a negative but fatal role in creating this situation, but the voice that is leading the protest is not only talking about any provision of the CAA, but also provoking feelings towards the Indian leadership. 

Example: Journalist Saba Naqbi urged the opponents to come down on the roads instead of supporting the courts, while the same MIM leader Waris Pathan threatened to be a hundred crores, despite being 15 crores Muslims. Student leader Sharjeel Imam was talking about separating Assam from India when poet Hussain Hydari was referring to CAA as state sponsored terrorism. Political parties also put the fuel in the fire. Sonia Gandhi herself, citing the existence, gave the voice of the particular class to get out of the house and 
CAA called India as the ancestral fief of his people, the opposition and the leftists were poisonous slogans of poisonous protest supported by Budvajis.

Started applying


The violence inflicted on the visit of US President Donald Trump is evidence that there was an attempt to present India as a contested region internationally in the familiar propaganda style of the uprising. 


In fact, the Naxalite ideology that has been trying to create a widespread public uprising in India for the last five decades and which is accused of airing the opposition of the CAA. She has been calling Indian democracy deception. Charu Mazumdar, the top ideologue of Naxalism, said that the peasantry would have to provide a vigilant leadership that could bar bureaucrats police personnel and military officers. Our fight is not with police stations and buildings, but with policemen and officers.



The constant attacks on policemen and officers in Delhi gives a clear glimpse of this Naxalite idea. Like the violence in other places in the CAA protest, the police and security forces were particularly targeted in the Delhi riots. In these attacks, a policeman and an undercover man were killed and a senior police officer suffered severe injuries. At another location, acid attack on paramilitary forces, targeting the police and security forces was part of a thoughtful strategy rather than momentary emotion. The Modi government  has not yet understood that the government which has ruled for decades and has only seen its own advantage in speaking in making any law in the interest of the country, has been fighting among themselves, whose party is the foundation, then the Modi government Decisions taken by the country in the interest of the country, how can everyone tolerate peace, development of all, trust of all in the country.

भारत में लम्बे समय से चल रही सरकार government,modi sarkar, bjp government


भारत में लम्बे समय से चल रही सरकार जो देश हित में कडे फैसले लेने में हमेशा डरती रही ,यही कारण रहा हमारा देश किसी भी क्षेत्र में उन्नति नही कर सका सरकारे आती हैं जाती हैं सिस्टम में को परिवर्तन नही कही राशन में पांच किलो गेहूॅ बडा दिया कही कम कर दिया बस यही चलता रहा और वेवकूफ बनाया जनता को भारत का जब युद्व हुआ पाक्स्तिान से भारत कि विजय हुयी फिर भी कश्मीर मुददा वही का वही रहा किसी कि दम नही हुयी ले ले क्योकि उनको तो एक और पाक्स्तिान बनाने में मजा आ रहा था। उस समय रहे प्रधानमंत्री ने क्यों नही सोचा जीत अपनी शर्तो पर होती है या दूसरे कि शर्तो पर बहुत दिनों त्रासदी झेल रही भारत कि राजनिति में एक नया चेहरा सामने आया उनका नाम श्री नरेन्द्र दामोदर दास मोदी जिनकी प्रशंसा आज पूरा विश्व कर रहा है, भारत में हर बच्चे के दिलो में आज भी उनकी छवि एक महान नेता के रूप में है और रहेगी भले ही रोड पर आकर हो-हल्ला न मचाया हो हम सनातनी महान संस्कृति वाले लोग है ये सब अषोभनीय है इसलिये अपने ही देष में हो हल्ला मचाना वो भी देष हित के प्रष्न पर निन्दनीय है । हमारा धर्म ये नही सिखता लेकिन आज भी भारत के 70 प्रतिशत लोग मोदी जी के साथ है ऐसा मेरा विश्वास है बहुत प्रधानमंत्री आये और चले गये लेकिन मेरे जीवन में यह पहले ऐसे प्रधानमंत्री हैं जिनका धन्यवाद करने के लिये मेरे पास शब्द नही हैं क्योकि यह मेरी आंखो देखा चमत्कार  है। भारत में पूर्व रहे प्रधानमंत्री द्वारा किये गये कार्यो से सुस्ती आ गयी थी । लेकिन भारत माता ने एक वीर साहसी व्यक्ति को भेज ही दिया।

आज तक भारत में बहुत सारे मुददे रहे। जिनका सुलझना बहुत जरूरी था ,लेकिन पूर्व में रही सरकारें सिर्फ डर और अपनी जेबें भरने में लगी रही कभी - कभी तो ये लगता था कि सरकारे देष हित में कानून बनाना ही भूल गयी हो इसमें कोई दोहराय नही है, नही तो एक के बाद एक बिल कि आज जरूरत ही नही पडती यह बात भी सत्य है कि सरकारें अपनी जेबे नही भरती चाहे कोई भी सरकार हो लेकिन उसके साथ देश हित भी सर्वाेपरि रखना चाहिये। जो पूर्व कि सरकारो ने नही किया । भारत जो अपनी महान सनातन संस्कृति पर खडा है ऐसी महान और सच्ची संस्कृति उसी पर पूर्व कि सरकारों ने चोट किया। अब ये बर्दाष्त के बाहर है । आखिर क्यों 

रामन्दिर का फैसला दशकों चलता रहा, क्यों जम्मू और कश्मीर का मामला सुलझा नही पायें वहां सैनिक नही मर रहे थे आये दिन देश का अपमान नही हो रहा था। कभी भी किसी पर देशद्रोह नही लगा ,आये दिन भारत कि सुरक्षा का कभी स्पष्टीकरण नही दिया पूर्व कि सरकारों ने और अगर एनआरसी,सीएए देश विरोधी कानून है तो सही क्या है बताये पूर्व कि सरकारे धर्म के नाम पर जब बटवारा हुआ। उमसे पाक्स्तिान के अल्पसंख्यकों पर अत्याचार हुआ जो भारत नही आ सके किसी कारण बस इनकी सुरक्षा कौन करेगा, जिन पाक्स्तिानियों ने बटवारे के समय खुद अपनी और पडोसियों कि मां , बेटियों कि इज्जत को नीलाम किया उनको ये नही पता मां क्या होती है बहन क्या होती है। बस मजे लो ऐसे लोगो को भारत कि नागरिकता दें । भारत का मुसलमान क्या ये इतिहास का सत्य नही जानता फिर भी पूर्व कि सरकारे कानून का विरोध कर रहे हैं ,उत्तर प्रदेश कि पूर्व कि सरकारे राम मन्दिर का मामला सुलझाने में क्यो असमर्थ रही क्योकि राजनीति कि रोटियां सिक रही थी । पूर्व कि सरकारे बताये भारत जहां अस्सी प्रतिशत हिन्दू है उनके पूजा स्थल पाक्स्तिान में बनेगे क्या उनको नही पता मुस्लिम षासको ने क्या किया था कौन सा इतिहास पढा है। गलती सुधारने कि बजाय विरोध करने लगे ये मामला कोर्ट पर जानेे से पहले ही इसका फैसला हो जाना चाहिये था। पूर्व कि सरकारों ने नंगा नाच कराया। भारत में मुस्लिम महिलाओं पर अत्याचार एक आदमी जितनी चाहे शादियां कर ले क्या राजा है कही के कानून सबके लिये है या औरते मशीन है औरते एक खराब तो दूसरी ले आये क्यो पूर्व कि सरकारो ने कानून नही बनाया उनको तो बोट बैक कि पडी थी। भारत कि आबादी 135 करोड हो गयी इसकी जिम्मेदार पूर्व कि सरकारे हैं क्या ये सत्य भारत का हर नागरिक नही जानता हमारे देश के बोर्डर में रह लोगो कि संख्या में इतना इजाफा अचानक कैसे हो गया कौन है ये कहा से आये ये गणना कराना कोई जुर्म है । जिसको लेकर शाहीन बाग में धरना चल रहा शर्म आनी चाहिये और जबाब दे पूर्व कि सरकारे और दूसरे देश में रह रहे हमारे लोग जिनकी इज्जत रोज लुट रही कौन करेगा उनकी मदद ये पूर्व कि सरकारों ने क्यो नही सोचा जबाब दें। अब कोई सरकार उस पर काम कर रही है तो धरना दंगा जैसे काम होने लगे कुछ कह रहे है कि अर्थव्यवस्था मंदी है जो सरकार देष का हित चाहेगी वो रिष्क लेगी और आगे भी सफल होगी बस धैर्य बहुत जरूरी है। पूर्व कि सरकारेां में फैसला लेने कि हिम्मत ही नही थी । उसी में खा - पी रहे थे। आज कि सरकारे और पूर्व कि सरकारे जान ले अब जनता सब समझ चुकी है और देख भी रही है। भारत को एक बार फिर बल्लभ भाई पटेल, अटल बिहारी बाजपेयी, लाल बहादुर शास्त्री, बीर साबरकर,वाला साहब ठाकरे,सुभाष चन्द्र बोस जैसे महापुरूष का जन्म फिर से हो गया है। 

The long-running government in India, which has always been afraid to take tough decisions in the interest of the country, is the reason why our country could not make progress in any field, the government comes and did not change the system, gave five kg of wheat in the ration. It has been reduced to just this and it has been done and made the people aware that when the war of India was won by Pakistan, India still remained the same. Take it because he was enjoying making another Paxtin. Why did the Prime Minister at that time not think that victory happens on its own terms or on other terms, a new face has emerged in the politics of India, which has been facing many days of tragedy, Shri Narendra Damodar Das Modi, whose praise is being praised all over the world today. Even today, in the hearts of every child, his image as a great leader is and will remain, even if he is on the road. Land is all Asobniy therefore their own in the country great umbrage that is condemnable on Prshn the country's interest. Our religion does not teach this, but even today 70 percent of the people of India are with Modi ji, it is my belief that many Prime Ministers have come and gone but in my life, this is the first Prime Minister I have no words to thank because it is my Eyes seen is a miracle. There was lethargy due to the work done by the former Prime Minister in India. But Mother India sent a brave man.


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Till date, there were many issues in India. Those which were very important to solve, but the governments in the past were only engaged in fear and filling their pockets. At one time it seemed that the government had forgotten to make laws in the interest of the country, there is no repeal in it, otherwise it is also true that one bill after another is not required today, that governments do not fill their jobs, no matter what the government is But along with it, the interests of the country should also be kept above all. Which the previous governments did not do. India, which stands on its great Sanatan culture, is such a great and true culture that the previous governments hurt. Now it is outside Bardasht. But why




The decision of Ramandir continued for decades, why the matter of Jammu and Kashmir could not be solved there, soldiers were not dying there, the country was not being insulted the next day. No one was ever accused of treason. This day, India has never given any explanation for the security that the governments have and if the NRC,CAA is an anti-national law, then what is the right before that when the governments got divided in the name of religion. It was atrocities on the minorities of Paxtin who could not come to India for some reason, just who would protect them, those who did not know what their mother is when the Partitioners auctioned the honor of their daughters and their mother and daughters. . Just enjoy and give citizenship of India to such people. Whether the Muslims of India do not know the truth of this history, yet the former governments are opposing the law, and the former governments of Uttar Pradesh were unable to solve the case of Ram temple because the loaves of politics were shrinking. Former governments should tell that India, where eighty percent of Hindus are, their places of worship will be built in Pakistan, do they not know what history Muslim Muslims had done and what history has been read. Instead of correcting the mistake, they started protesting, this matter should have been decided before going to court. The former governments orgy. Atrocities on Muslim women in India, as much as a man can get married, whether the king has laws for everyone or women is a machine, women brought a bad one because before the governments did not make laws, they had to go back to the boat. The population of India has increased to 135 crores, it is the responsibility of the previous governments that every citizen of India does not know that the number of people living in the boarders of our country has increased so suddenly, who has said that it is a crime to calculate this. . One should be ashamed about the dharna going on in Shaheen Bagh and before answering that the governments and our people living in other countries, whose help will be lost everyday, help those who did not think why the governments should answer. Now if a government is working on it, then things like dharna riot started happening, some are saying that the economy is recession, the government will like the interest of the country, they will enjoy it and succeed even further, just patience is very important. Former governments did not have the courage to take decisions. Eat at the same Were drinking Today the governments and the previous governments should know that now the people have understood and are watching. India has once again been born to great men like Ballabh Bhai Patel, Atal Bihari Bajpaiye, Lal Bahadur Shastri, Bir Sabarkaraewala Sahab Thackeray, Subhash Chandra Bose.


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भारत जो अपनी महान सनातन संस्कृति पर खडा है अब ये बर्दाश्त के बाहर है

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भारत में लम्बे समय से चल रही सरकार जो देश हित में कडे फैसले लेने में हमेशा डरती रही ,यही कारण रहा हमारा देश किसी भी क्षेत्र में उन्नति नही कर सका सरकारे आती हैं जाती हैं सिस्टम में को परिवर्तन नही कही राशन में पांच किलो गेहूॅ बडा दिया कही कम कर दिया बस यही चलता रहा और वेवकूफ बनाया जनता को भारत का जब युद्व हुआ पाकिस्तान  से भारत कि विजय हुयी फिर भी कश्मीर मुददा वही का वही रहा किसी कि दम नही हुयी ले ले क्योकि उनको तो एक और पाकिस्तान  बनाने में मजा आ रहा था। उस समय रहे प्रधानमंत्री ने क्यों नही सोचा जीत अपनी शर्तो पर होती है या दूसरे कि शर्तो पर बहुत दिनों त्रासदी झेल रही भारत कि राजनिति में एक नया चेहरा सामने आया उनका नाम श्री नरेन्द्र दामोदर दास मोदी जिनकी प्रशंसा आज पूरा विश्व कर रहा है, भारत में हर बच्चे के दिलो में आज भी उनकी छवि एक महान नेता के रूप में है और रहेगी भले ही रोड पर आकर हो-हल्ला न मचाया हो हम सनातनी महान संस्कृति वाले लोग है ये सब अषोभनीय है इसलिये अपने ही देष में हो हल्ला मचाना वो भी देश हित के पृश्न पर निन्दनीय है । हमारा धर्म ये नही सिखता लेकिन आज भी भारत के 70 प्रतिशत लोग मोदी जी के साथ है ऐसा मेरा विश्वास है बहुत प्रधानमंत्री आये और चले गये लेकिन मेरे जीवन में यह पहले ऐसे प्रधानमंत्री हैं जिनका धन्यवाद करने के लिये मेरे पास शब्द नही हैं क्योकि यह मेरी आंखो देखा चमत्कार  है। भारत  में पूर्व रहे प्रधानमंत्री द्वारा किये गये कार्यो से सुस्ती आ गयी थी । लेकिन भारत  माता ने एक वीर साहसी व्यक्ति को भेज ही दिया।

आज तक भारत में बहुत सारे मुददे रहे। जिनका सुलझना बहुत जरूरी था ,लेकिन पूर्व में रही सरकारें सिर्फ डर और अपनी जेबें भरने में लगी रही कभी - कभी तो ये लगता था कि सरकारे देश  हित में कानून बनाना ही भूल गयी हो इसमें कोई दोहराय नही है, नही तो एक के बाद एक बिल कि आज जरूरत ही नही पडती यह बात भी सत्य है कि सरकारें अपनी जेबे नही भरती चाहे कोई भी सरकार हो लेकिन उसके साथ देश हित भी सर्वाेपरि रखना चाहिये। जो पूर्व कि सरकारो ने नही किया । भारत जो अपनी महान सनातन संस्कृति पर खडा है ऐसी महान और सच्ची संस्कृति उसी पर पूर्व कि सरकारों ने चोट किया। अब ये बर्दाश्त  के बाहर है । आखिर क्यों 

रामन्दिर का फैसला दशकों चलता रहा, क्यों जम्मू और कश्मीर का मामला सुलझा नही पायें वहां सैनिक नही मर रहे थे आये दिन देश का अपमान नही हो रहा था। कभी भी किसी पर देशद्रोह नही लगा ,आये दिन भारत कि सुरक्षा का कभी स्पष्टीकरण नही दिया पूर्व कि सरकारों ने और अगर एनआरसी,सीएए देश विरोधी कानून है तो सही क्या है बताये पूर्व कि सरकारे धर्म के नाम पर जब बटवारा हुआ। उमसे पाकिस्तान  के अल्पसंख्यकों पर अत्याचार हुआ जो भारत नही आ सके किसी कारण बस इनकी सुरक्षा कौन करेगा, जिन पा किस्तानिओ  ने बटवारे के समय खुद अपनी और पडोसियों कि मां , बेटियों कि इज्जत को नीलाम किया उनको ये नही पता मां क्या होती है बहन क्या होती है। बस मजे लो ऐसे लोगो को भारत कि नागरिकता दें । भारत का मुसलमान क्या ये इतिहास का सत्य नही जानता फिर भी पूर्व कि सरकारे कानून का विरोध कर रहे हैं ,उत्तर प्रदेश कि पूर्व कि सरकारे राम मन्दिर का मामला सुलझाने में क्यो असमर्थ रही क्योकि राजनीति कि रोटियां सिक रही थी । पूर्व कि सरकारे बताये भारत जहां अस्सी प्रतिशत हिन्दू है उनके पूजा स्थल पाकिस्तान में बनेगे क्या उनको नही पता मुस्लिम षासको ने क्या किया था कौन सा इतिहास पढा है। गलती सुधारने कि बजाय विरोध करने लगे ये मामला कोर्ट पर जानेे से पहले ही इसका फैसला हो जाना चाहिये था। पूर्व कि सरकारों ने नंगा नाच कराया। भारत में मुस्लिम महिलाओं पर अत्याचार एक आदमी जितनी चाहे शादियां कर ले क्या राजा है कही के कानून सबके लिये है या औरते मशीन है औरते एक खराब तो दूसरी ले आये क्यो पूर्व कि सरकारो ने कानून नही बनाया उनको तो बोट बैक कि पडी थी। भारत कि आबादी 135 करोड हो गयी इसकी जिम्मेदार पूर्व कि सरकारे हैं क्या ये सत्य भारत का हर नागरिक नही जानता हमारे देश के बोर्डर में रह लोगो कि संख्या में इतना इजाफा अचानक कैसे हो गया कौन है ये कहा से आये ये गणना कराना कोई जुर्म है । जिसको लेकर शाहीन बाग में धरना चल रहा शर्म आनी चाहिये और जबाब दे पूर्व कि सरकारे और दूसरे देश में रह रहे हमारे लोग जिनकी इज्जत रोज लुट रही कौन करेगा उनकी मदद ये पूर्व कि सरकारों ने क्यो नही सोचा जबाब दें। अब कोई सरकार उस पर काम कर रही है तो धरना दंगा जैसे काम होने लगे कुछ कह रहे है कि अर्थव्यवस्था मंदी है जो सरकार देश का हित चाहेगी वो रिष्क लेगी और आगे भी सफल होगी बस धैर्य बहुत जरूरी है। पूर्व कि सरकारेां में फैसला लेने कि हिम्मत ही नही थी । उसी में खा - पी रहे थे। आज कि सरकारे और पूर्व कि सरकारे जान ले अब जनता सब समझ चुकी है और देख भी रही है। भारत को एक बार फिर बल्लभ भाई पटेल, अटल बिहारी बाजपेयी, लाल बहादुर शास्त्री, बीर साबरकर,वाला साहब ठाकरे,सुभाष चन्द्र बोस जैसे महापुरूष का जन्म फिर से हो गया है। 

The long-running government in India, which has always been afraid to take tough decisions in the interest of the country, is the reason why our country could not make progress in any field, the government comes and did not change the system, gave five kg of wheat in the ration. It has been reduced to just this and it has been done and made the people aware that when the war of India was won by Pakistan
India still remained the same. Take it because he was enjoying making another pakistan. Why did the Prime Minister at that time not think that victory happens on its own terms or on other terms, a new face has emerged in the politics of India, which has been facing many days of tragedy, Shri Narendra Damodar Das Modi, whose praise is being praised all over the world today. Even today, in the hearts of every child, his image as a great leader is and will remain, even if he is on the road. Land is all Asobniy therefore their own in the country great umbrage that is condemnable on Prshn the country's interest. Our religion does not teach this, but even today 70 percent of the people of India are with Modi ji, it is my belief that many Prime Ministers have come and gone but in my life, this is the first Prime Minister I have no words to thank because it is my Eyes seen is a miracle. There was lethargy due to the work done by the former Prime Minister in India. But Mother India sent a brave man.

Till date, there were many issues in India. Those which were very important to solve, but the governments in the past were only engaged in fear and filling their pockets. At one time it seemed that the government had forgotten to make laws in the interest of the country, there is no repeal in it, otherwise it is also true that one bill after another is not required today, that governments do not fill their jobs, no matter what the government is But along with it, the interests of the country should also be kept above all. Which the previous governments did not do. India, which stands on its great Sanatan culture, is such a great and true culture that the previous governments hurt. Now it is outside Bardasht. But why




The decision of Ram mandir continued for decades, why the matter of Jammu and Kashmir could not be solved there, soldiers were not dying there, the country was not being insulted the next day. No one was ever accused of treason. This day, India has never given any explanation for the security that the governments have and if the NRC,CAA is an anti-national law, then what is the right before that when the governments got divided in the name of religion. It was atrocities on the minorities of pakistan who could not come to India for some reason, just who would protect them, those who did not know what their mother is when the Partitioners auctioned the honor of their daughters and their mother and daughters. . Just enjoy and give citizenship of India to such people. Whether the Muslims of India do not know the truth of this history, yet the former governments are opposing the law, and the former governments of Uttar Pradesh were unable to solve the case of Ram temple because the loaves of politics were shrinking. Former governments should tell that India, where eighty percent of Hindus are, their places of worship will be built in Pakistan, do they not know what history Muslim Muslims had done and what history has been read. Instead of correcting the mistake, they started protesting, this matter should have been decided before going to court. The former governments orgy. Atrocities on Muslim women in India, as much as a man can get married, whether the king has laws for everyone or women is a machine, women brought a bad one because before the governments did not make laws, they had to go back to the boat. The population of India has increased to 135 crores, it is the responsibility of the previous governments that every citizen of India does not know that the number of people living in the boarders of our country has increased so suddenly, who has said that it is a crime to calculate this. . One should be ashamed about the dharna going on in Shaheen Bagh and before answering that the governments and our people living in other countries, whose help will be lost everyday, help those who did not think why the governments should answer. Now if a government is working on it, then things like dharna riot started happening, some are saying that the economy is recession, the government will like the interest of the country, they will enjoy it and succeed even further, just patience is very important. Former governments did not have the courage to take decisions. Eat at the same Were drinking Today the governments and the previous governments should know that now the people have understood and are watching. India has once again been born to great men like Ballabh Bhai Patel, Atal Bihari Bajpaiye, Lal Bahadur Shastri, Bir Sabarkar,wala Sahab Thackeray, Subhash Chandra Bose.


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